शनिवार, २१ नवम्बर २००९

आज राकेश खंडेलवाल जी और आदरणीय मधु खंडेलवाल जी की शादी की वर्षगांठ है उन्‍हें बधाई । कल यानी 22 नवंबर को लावण्‍य दीदी साहब का जन्‍मदिन है उनको भी बहुत बहुत बधाइयां ।

नवंबर का महीना बहुत से आयोजनों का महीना होता है ।कल परी का जन्‍मदिन था । आज आदरणीय राकेश जी और मधु भाभी की शादी की वर्षगांठ है और कल लावण्‍य दीदी साहब का जन्‍मदिन है । सो मैंने बीच का दिन तय किया पोस्‍ट लगाने के लिये । परी का जन्‍म दिन कल मनाया गया । अंकित सफर इन दिनों भोपाल में है सो अंकित का आगमन भी हुआ । आगमन क्‍या हुआ परी ने बाकायदा डरा धमका कर उसे सीहोर बुला लिया । परी और पंखुरी इन दोनों की भारी दादागिरी चलती है । नीरज जी जिस प्रकार की ग़ज़लें कभी कभी लिखते हैं न मुम्‍बइया टाइप की उस टाइप की दादागिरी चलती है । तो परी ने बाकायदा डरा कर अंकित को अपने जन्‍मदिन पर बुलाया । तो देखिये उसी अवसर के चित्र ।

PICT0029  PICT1503 

राकेश खंडेलवाल जी और आदरणीय मधु खंडेलवाल जी की शादी की वर्षगांठ है आज ।

21 नवंबर 

016 012

आदरणीय राकेश जी और मधु भाभी जी, राकेश जी बिटिया डॉ आकांक्षा खंडेलवाल के साथ

मैं उनको गीतों का सम्राट कह कर बुलाता हूं । मुझे लगता है कि आदरणीय राकेश जी एक पूरी परंपरा को लेकर चल रहे हैं अपने गीतों में । वो परंपरा जो माधुर्य की है । वो परंपरा जो कोमल शब्‍दों की है । वो परंपरा जो भारतीय गीतों की है । राकेश जी के गीत हर बार एक नया रूप लेकर आते हैं । मैं उनका बड़ा फैन हूं । आज उनकी विवाह  की वर्ष गांठ है । आदरणीय मधु भाभी जी और राकेश जी को ग़ज़ल की पूरी पाठशाला के तरफ से बहुत बहुत बधाइयां हों । दूसरे चित्र में आदरणीय राकेश जी की बिटिया डॉ आकांक्षा खंडेलवाल दिखाई दे रही हैं । राकेश जी को जितना जाना है उससे ये तो कह ही सकता हूं कि राकेश जी एक बहुत ही संवेदनशील इन्‍सान हैं । वे रिश्‍तों को निभाना बहुत खूब जानते हैं । जब भी मेरे ब्‍लाग पर कभी दस पन्‍द्रह दिन कोई पोस्‍ट नहीं लगती है जो सबसे पहला फोन उनका ही आता है ' पंकज जी स्‍वास्‍थ्‍य ठीक है ' । वे गीतों के मामले में मेरे आदर्श हैं । उनके जैसा लिखना हर किसी का स्‍वप्‍न होता है । एक बार फिर ढेरों शुभकामनाएं ।

कल लावण्‍य दीदी साहब का जन्‍मदिन है

22 नवंबर

1221034706GxQuJ4 DSC01945 1221034706GxQuJ42

कल यानि 22 नवंबर को मेरी एक बड़ी बहन आदरणीय लावण्‍य दीदी साहब का जन्‍मदिन है । आदरणीय दीदी साहब के संस्‍मरण जादू जगाने का काम करते हैं । उनके ब्‍लाग पर उनके लिखे हुए संस्‍मरण पढ़ने आता हूं और बस उन्‍हीं में उलझ कर रह जाता हूं । मैने उनसे हमेशा ही अनुरोध किया है कि वे संस्‍मरणों की एक पुस्‍तक अवश्‍य लिखें । डोंगरी कवियित्री आदरणीय पद्मा सचदेव जी और लावण्‍य दीदी साहब इन दोंनों के संस्‍मरण लेखन की कला अद्भुत है । दीदी साहब बहुत अच्‍छी कवियित्री भी हैं । आपकी कविताओं में भारतीय स्‍वर हमेशा विद्यमान होते हैं । मुझे लावण्‍य दीदी साहब से हमेशा ही ढेर सा स्‍नेह मिला है । कल उनका जन्‍मदिन है सो पूरी ग़ज़ल की पाठशाला की तरफ से उनको ढेर सारी शुभकामनाएं ।

ग़ज़ल की कक्षाएं कुछ रुकी हैं क्‍योंकि इन दिनों प्रकाशन की पांच पुस्‍तकों पर एक साथ काम चल रहा है । फिर भी जल्‍द ही आगे का काम प्रारंभ होगा । और हां नये साल का तरही मुशायरा भी प्रारंभ होना है । उसके लिये मिसरा भी दिया जाना है । तो आज तो आप सब दीजिये राकेश जी और मधु भाभी को शुभकामनांए । और कल आदरणीय दीदी साहब से केक खाने को तैयार रहिये । और चलते चलते देखिये परी पंखुरी का स्‍कूल के वार्षिक उतसव में किया गया नृत्‍य का चित्र ।

PICT0001

लेख को ब्‍लागवाणी पर पसंद करें